है पावन शिव का धाम हरिद्वार – भजन (Hai Pawan Shiv Ka Dham Haridwar)

jambh bhakti logo

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती,
माँ गंगा की धार,
है पावन शिव का धाम हरिद्वार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

विष्णु नख से निकली गंगा,
ब्रम्ह-कमण्डल आई गंगा,
शिव की जटा समाई गंगा,
शिव की जटा समाई गंगा,
सबका किया उद्धार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

गौमुख से चलती इठलाती,
ऋषिकेश में ये बलखाती,
हर की पौड़ी में फिर आती,
हर की पौड़ी में फिर आती,
बनके जग की करतार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

गंगा शीश में धर त्रिपुरारी,
कहलाए फिर गंगा धारी,
भक्त जनो की नैया तारी,
भक्त जनो की नैया तारी,
ना छोड़ी मजधार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

कलियुग में जो पार हो जाना,
एक बार हरिद्वार तो आना,
माँ गंगा में गोते लगाना,
‘चन्दन’ हो भव पार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

मंत्र: अलसस्य कुतः विद्या (Alasasya Kutah Vidya)

बोल राधे, बोल राधे - भजन (Bol Radhey, Bol Radhey)

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है - भजन (Mujhe Tune Malik Bahut Kuch Diya Hai)

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती,
माँ गंगा की धार,
है पावन शिव का धाम हरिद्वार,
हैं पावन शिव का धाम हरिद्वार ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment