फूल है वो किस्मत वाले जो,
तेरे गले के हार में है,
माँ जो तेरे चरणों में पड़े है,
जो तेरे श्रृंगार में है,
फूल हैं वो किस्मत वालें जो,
तेरे गले के हार में है ॥
काश के इन फूलों के जैसी,
होती मेरी तक़दीर ओ माँ,
मिल जाती मुझको भी तेरी,
ममता की जागीर ओ माँ,
महकाता अपनी खुशबू से,
मैं तेरी तस्वीर ओ माँ,
मुझको भी उन फूलों के संग,
रहना तेरे दरबार में है,
माँ जो तेरे चरणों में पड़े है,
जो तेरे श्रृंगार में है,
फूल हैं वो किस्मत वालें जो,
तेरे गले के हार में है ॥
भूल से कोई भूल हुई हो,
माँ वो भूल भुला देना,
अगले जनम में माता रानी,
मुझको फूल बना देना,
मेरे माथे पे भी अपने,
चरणों की धुल लगा देना,
कसम तुझे उन फूलों की जो,
डूबे तेरे प्यार में है,
माँ जो तेरे चरणों में पड़े है,
जो तेरे श्रृंगार में है,
फूल हैं वो किस्मत वालें जो,
तेरे गले के हार में है ॥
और ना कुछ भी मांगू मैया,
बस इतना ही कहना है,
आस है मन में तेरे भवन में,
साथ तेरे माँ रहना है,
तेरी किरपा की गंगा में,
मुझको ऐसे बहना है,
जैसे बहते फूल ये तेरी,
करुणा की बौछार में है,
माँ जो तेरे चरणों में पड़े है,
जो तेरे श्रृंगार में है,
फूल हैं वो किस्मत वालें जो,
तेरे गले के हार में है ॥
फूल है वो किस्मत वाले जो,
तेरे गले के हार में है,
माँ जो तेरे चरणों में पड़े है,
जो तेरे श्रृंगार में है,
फूल हैं वो किस्मत वालें जो,
तेरे गले के हार में है ॥
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