बाबा श्याम तू कद सुणसी रे: भजन (Baba Shyam Tu Kad Sunasi Re)

jambh bhakti logo

बाबा श्याम तू कद सुणसी रे,
टाबरिया री दर्शन ताईं,
आंख्या तरसी रे,
बाबा श्याम तु कद सुणसी रे ॥

म्हाने सुणी है हारयोडा को,
साथ निभावे है तू,
साँचा मन सु जो भी ध्यावे,
वा को काम बणावे तू,
म्हासु गलती काई होगी रे,
टाबरिया री दर्शन ताईं,
आंख्या तरसी रे,
बाबा श्याम तु कद सुणसी रे ॥

थारी मर्जी जइया बाबा,
नाव चला या म्हारी,
चाहे डूबा दे बिच भंवर या,
पार लगा गिरधारी,
थारी मर्जी में म्हारी मर्जी रे,
टाबरिया री दर्शन ताईं,
आंख्या तरसी रे,
बाबा श्याम तु कद सुणसी रे ॥

जनम जनम गुण गावां थारा,
कर दे मनसा पूरी,
दास करे अरदास सांवरा,
अब क्यों राखे दुरी,
‘राजू’ बस चरणा में रहसी रे,
टाबरिया री दर्शन ताईं,
आंख्या तरसी रे,
बाबा श्याम तु कद सुणसी रे ॥

राजन के राजा महाराजन के महाराजा - शब्द कीर्तन (Rajan Ke Raja, Maharajan Ke Maharaja)

राम को देख कर के जनक नंदिनी, और सखी संवाद - भजन (Ram Ko Dekh Ke Janak Nandini Aur Sakhi Samvad)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 15 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 15)

बाबा श्याम तू कद सुणसी रे,
टाबरिया री दर्शन ताईं,
आंख्या तरसी रे,
बाबा श्याम तु कद सुणसी रे ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment