जिसने दी है मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है,
जिससे परिवार मेरा खुशहाल,
वो अंजनी का लाला है,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥
सालासर दरबार निराला,
यहाँ कटता है संकट सारा,
जो सुने भक्तो की फरियाद,
वो अंजनी का लाला है,
वो अंजनी का लाला है,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥
कोई भक्त नहीं है ऐसा,
मेरे बालाजी के जैसा,
जिनके ह्रदय में है श्री राम,
वो राम जी का प्यारा है,
वो अंजनी का लाला है,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥
ये दुनिया मतलब की साथी,
बालाजी बस साथ निभासी,
जिनके चरणों में जाऊं बलिहार,
वो बजरंग बाला है,
वो अंजनी का लाला है,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥
मुश्किल घड़ियों में साथ निभाता,
जो बाबा को अरदास लगाता,
ऐसे महावीर से प्रीति लगा,
की होगा तेरा बेडा पार,
बालाजी करेंगे उद्धार,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥
हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ! (He Jag Swami Anataryami, Tere Sanmukh Aata Hoon!)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 32)
जिसने दी है मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है,
जिससे परिवार मेरा खुशहाल,
वो अंजनी का लाला है,
जिसने दी हैं मुझे पहचान,
वो अंजनी का लाला है ॥








