मैं हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
मेरा प्राणो से प्यारा पति,
मुझसे बिछड़े ना रूठे कभी,
माता रानी इसे मेरी आयु लगे,
ये मनोकामना है मेरी,
माँ तेरे लाल की,
माँ तेरे लाल की मैं हूँ अर्धांगिनी,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
मैया तू ही मेरी आस है,
मेरा तुझपे ही विश्वास है,
आसरा है तेरा,
मुझपे करना दया,
मेरी तुझसे ये अरदास है,
बिन तेरे प्यार के,
बिन तेरे प्यार के क्या मेरे पास है,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
जपूं नारायणी तेरो नाम: भजन (Japu Narayani Tero Naam)
श्री चिंतपूर्णी देवी की आरती (Mata Shri Chintpurni Devi)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)
मैं हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








