श्री चिंतपूर्णी देवी की आरती (Mata Shri Chintpurni Devi)

jambh bhakti logo

चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी,
जग को तारो भोली माँ
जन को तारो भोली माँ,
काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा ॥
॥ भोली माँ ॥

सिन्हा पर भाई असवार,
भोली माँ, चिंतपूर्णी चिंता दूर ॥
॥ भोली माँ ॥

एक हाथ खड़ग दूजे में खांडा,
तीजे त्रिशूल सम्भालो ॥
॥ भोली माँ ॥

चौथे हाथ चक्कर गदा,
पाँचवे-छठे मुण्ड़ो की माला ॥
॥ भोली माँ ॥

सातवे से रुण्ड मुण्ड बिदारे,
आठवे से असुर संहारो ॥
॥ भोली माँ ॥

चम्पे का बाग़ लगा अति सुन्दर,
बैठी दीवान लगाये ॥
॥ भोली माँ ॥

हरी ब्रम्हा तेरे भवन विराजे,
लाल चंदोया बैठी तान ॥
॥ भोली माँ ॥

आदि अंत मेरा है राम: भजन (Aadi Ant Mera Hai Ram)

झूला पड्यो है कदम्ब की डार - भजन (Jhula Padyo Hai Kadamb Ki Daar)

प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम: भजन (Prem Mudit Mann Se Kaho, Ram Ram Ram)

औखी घाटी विकटा पैंडा,
तले बहे दरिया ॥
॥ भोली माँ ॥

सुमन चरण ध्यानु जस गावे,
भक्तां दी पज निभाओ ॥
॥ भोली माँ ॥

चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी,
जग को तारो भोली माँ

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment