पूजा के नियम

दीपक जलाने के नियम

दिवाली से पहले जान लें, साथ में दीप मंत्र

॥ जम्भ भक्ति ॥

१

घी या तेल?

देवताओं के सामने घी का दीपक उत्तम माना जाता है। सरसों या तिल के तेल का दीपक भी जलाया जा सकता है।

२

दीपक कहाँ रखें

घी का दीपक भगवान के दाईं ओर और तेल का दीपक बाईं ओर रखने की मान्यता है।

३

बाती की दिशा

बाती पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा में बाती केवल यम दीपदान में रखी जाती है।

४

खंडित दीपक नहीं

टूटा या खंडित दीपक पूजा में न जलाएँ। दीपक को फूंक मारकर कभी न बुझाएँ।

दीप मंत्र

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योति नमोऽस्तुते॥

जो शुभ करता है, कल्याण, आरोग्य और धन-संपदा देता है और शत्रु-बुद्धि का नाश करता है, उस दीप की ज्योति को नमन।

दीप मंत्र

दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते॥

दीप की ज्योति परब्रह्म और भगवान जनार्दन का रूप है। यह दीप मेरे पाप हरे, संध्या दीप को नमन।

॥ जम्भ भक्ति ॥

दीप प्रज्वलन मंत्र

शुभं करोति मंत्र और उसका अर्थ, रोज़ शाम दीपक जलाते समय बोलें।

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