छठ महापर्व • 13-16 नवंबर

छठ पूजा के 4 दिन

नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक

॥ जम्भ भक्ति ॥

दिन १

13 नवंबर: नहाय-खाय

व्रती नदी या घर पर स्नान करके कद्दू-भात और चने की दाल का सात्त्विक भोजन करते हैं।

दिन २

14 नवंबर: खरना

दिन भर उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनता है। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।

दिन ३

15 नवंबर: संध्या अर्घ्य

शाम को घाट पर सूप में ठेकुआ, फल और गन्ना सजाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

दिन ४

16 नवंबर: उषा अर्घ्य

सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मैया से संतान और परिवार के सुख की प्रार्थना होती है, फिर व्रत खुलता है।

जानिए

छठी मैया कौन हैं

छठ में सूर्य देव और उनकी बहन मानी जाने वाली छठी मैया की पूजा होती है। यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का महापर्व है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

छठ के गीत

पहिले पहिल छठी मईया व्रत तोहार, और भी छठ गीत जम्भ भक्ति पर।

jambhbhakti.com