
हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला: भजन (Hey Gauri Nandan Tujh Ko Vandan Tera Roop Nirala)
हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥ सिध्दि सदन गज वदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब

हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥ सिध्दि सदन गज वदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी, भोले भंडारी, सबको दर्शन देते है, शिव शम्भू त्रिपुरारी, भोले भंडारी, भोले भंडारी ॥ ये है उज्जैनी

गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा, गौरी के लाल तुमकों, सादर नमन हमारा, हर काम से मैं पहले, सुमिरण करूँ तुम्हारा, गौरी के लाल

आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो

बिगड़ी तेरी बनाएगा, नाम गणपति का, संकट सभी मिटाएगा, नाम गणपति का, बिगड़ी बनाएगा, संकट मिटाएगा, कष्ट ना कभी तू पायेगा, जो मन से तू

महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे ॥ महामंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे,

करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी जय हो गजानन जी, जय जय हो गजानन जी ॥ विघ्न अमंगल तेरी
