
गणपति तुम सब गण के राजा: भजन (Ganpati Tum Sab Gan Ke Raja)
गणपति तुम सब गण के राजा, गणपति तुम सब गण के राजा, पूरण करो हमारे काज, पूरण करो हमारे काज, गणपति तूम सब गण के

गणपति तुम सब गण के राजा, गणपति तुम सब गण के राजा, पूरण करो हमारे काज, पूरण करो हमारे काज, गणपति तूम सब गण के

जय गणेश जय मेरे देवा ॥ श्लोक – वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ जय गणेश जय मेरे देवा, जय

ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ, ओ गणनायक महाराज, सुमिरा जोडू दोनों हाथ, गजानंद मैहर करो, गजानन मैहर करो ॥ एकदंत है दयावंत है,

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ श्लोक – गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थजम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोकविनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥ तेरी पूजा करूँ तेरा अर्चन

गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध लीजे हमारी, गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध लीजे हमारी । सुरहिन गैया को गोबर मनागौं, दिग धर अगना लीपाऊं, आज

गौरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी, जो नर तुमको प्रथम मनावे, जो नर तुमको प्रथम मनावे, दुविधा मिट जावे सारी, गौंरी सुत गणराज

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥ चंदन चौकी पे बिराजे, दाता
