
आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो: भजन (Aao Vinayak Mhare Aanganiye Padharo)
आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो

आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो

हे गौरा के लाल मेरी सुनिए, तेरा भक्त खड़ा तेरे द्वार है, कई जन्मों से बप्पा मैं भटका, तेरे चरणों में अब मेरा संसार है,

करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी जय हो गजानन जी, जय जय हो गजानन जी ॥ विघ्न अमंगल तेरी

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, माता है तू जिसकी पिता है महेश, वीर है गौरा तेंरा लाड़ला

आओ गणनायक राजा, तेरी दरकार है, देखो ये माँ साँचल का, सच्चा दरबार है, देखो ये माँ गौरा का, प्यारा सा लाल है ॥ सबसे

प्रथमेश गजानन नाम तेरो, हृदय में पधारो मेहर करो, हृदय में पधारो मेहर करो, अमृत रस म्हा पर बरसाओ, आ जाओ अब ना देर करो,

अपना है सेठ गणपति लाला, शिव शंकर सूत देव गणपति, देवो में बलकारी, सबसे पहले तेरा सुमिरण, करती दुनिया सारी, देवो में देव है निराला,
