
कभी राम बनके, कभी श्याम बनके – भजन (Bhajan: Kabhi Ram Banake Kabhi Shyam Banake)
कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके,

कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके,

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर हरी जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल, सवेरे दही लेके आउंगी, सवेरे दही लेके आउंगी, सवेरे दही लेके आउंगी, मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल, सवेरे दही लेके

बाँधु जिसपे राखी, वो कलाई चाहिए, बहना कहने वाला, एक भाई चाहिए, माँ पूरी मेरी आस कर, खड़ी मैं कब से तेरे दर ॥ हिरे

अम्बे अम्बे माँ अम्बे अम्बे, अम्बे अम्बे भवानी माँ जगदम्बे ॥ श्लोक – जिसने वर माँगा, तो वरदान दिया है तुमने, मुर्ख से मुर्ख को

जय जय जननी श्री गणेश की जय जय जननी श्री गणेश की प्रतीभा परमेश्वर परेश की प्रतीभा परमेश्वर परेश की जय जय जननी श्री गणेश

आया बुलावा भवन से, मैं रह ना पाई ॥ श्लोक – तेरे दरश की धुन में माता, हम है हुए मतवाले, रोक सकी ना आंधियां
