
अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई: भजन (Arji Sunkar Meri Maiya Ghar Mein Mere Aayi)
अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई, झूम झूम के नाचूं मैं तो, बाटूँ आज बधाई, नाचूँ झूम झूम के, गाऊं झूम झूम के

अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई, झूम झूम के नाचूं मैं तो, बाटूँ आज बधाई, नाचूँ झूम झूम के, गाऊं झूम झूम के

जैसे तुम सीता के राम जैसे लक्ष्मण के सम्मान जैसे हनुमत के भगवान वैसे ही हे राम! मम पूजा स्वीकार करो जैसे तुम सीता के

सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये। मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नाहिं

चहुं दिशि बरसें राम रस, छायों हरस अपार, राजा रानी की करे, सब मिल जय जयकार । कौशल नंदन राजा राम, जानकी वल्लभ राजा राम,

श्री राम, जय राम, जय जय राम श्री राम, जय राम, जय जय राम श्री राम, जय राम, जय जय राम श्री राम, जय राम,

ब्रह्मादि देवताओं द्वारा भगवान विष्णु का आव्हान, जिसके बाद भगवान विष्णु ने प्रभु श्री राम के अवतार की घोषणा की। यह छंद तुलसीदास रचित रामचरित

संकट हरलो मंगल करदो, प्यारे शिव गौरा के लाल, अब विनती सुनलो गणपति देवा ॥ हे गणनायक देव गजानन, मूषक चढ़कर आओ, हाथ जोड़कर द्वार
