
सत नाम का सुमिरन कर ले – भजन (Satt Nam Ka Sumiran Kar Le)
सत नाम का सुमिरन कर ले, कल जाने क्या होय, जाग जाग नर निज आश्रम में, काहे बिरथा सोय, काहे बिरथा सोय, सतनाम का सुमिरन

सत नाम का सुमिरन कर ले, कल जाने क्या होय, जाग जाग नर निज आश्रम में, काहे बिरथा सोय, काहे बिरथा सोय, सतनाम का सुमिरन

जिस घर में मैया का, सुमिरन होता, उस घर में हर पल, आनंद होता, माँ का पावन नाम बड़ा, मन भावन होता, जिस घर में

जय महाकाली शेरावाली, सारे जग की तू रखवाली, तेरे दर पे आने का सजदा करूँ, तेरी याद माँ मुझको आने लगी, जय महाकाली शेरोवाली, सारे

विरात्रा री पहाड़ियों में, धाम थारो म्हाने लागे न्यारो, म्हाने प्यारो प्यारो लागे, वाकल नाम थारो ॥ शक्ति रूप में हिंगलाज माँ, हिरण भखार में

दरश को प्यासे है, मैया मेरे नैन, एक झलक दिखलाओ भवानी, तो आए भक्त को चैन, दरश को प्यासे हैं, मैया मेरे नैन ॥ लगन

माँ शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे, मैया सजी है ऐसे, दुल्हन बनी हो जैसे, मां शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे ॥ हाथो में

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी, लागे सेठानी ओ मेरी माँ, लागे सेठानी, सज धज के बैठी है मां, लागे सेठानी ॥ किसने
