
सावन भजन: आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी (Aai Bhagon Me Bahar Jhula Jhule Radha Rani)
आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी । झूले राधा प्यारी, हाँ झूले राधा प्यारी ॥ आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी

आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी । झूले राधा प्यारी, हाँ झूले राधा प्यारी ॥ आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी

झूला पड्यो है कदम्ब की डार, झुलावे ब्रज नारी, ब्रज नारी रे ब्रज नारी, ब्रज नारी सखियाँ सारी, झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार, झुलावे

झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी, झूलन चलो हिडोलना, वृषभान नंदनी। सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, नवघोर

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण

भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ, वाणी मैं तनिक मिठास नही, पर विनय सुनाने आया हूँ ॥ प्रभु का चरणामृत लेने को,

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे मैने

जमुना के तट पर, मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने, घायल हो गई पल में, गजरा गिर गया जमुना जल में, की गजरा गिर गया जमुना
