
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है – भजन (Jara Der Thehro Ram Tamanna Yahi Hai)
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥ कैसी घड़ी आज जीवन की आई । अपने ही

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥ कैसी घड़ी आज जीवन की आई । अपने ही

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो । और चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो ॥ हो त्याग भारत जैसा, सीता सी

काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी, काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी । हे नाम रे सबसे

शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा, काली घटा के अंदर, जु दामिनी उजाला, शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा ॥ गल

चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे खबर सुनाऊ जो, खुशी ये बताऊँ जो, आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥ हेरी/ओरी सखी मंगल

मैया री मैया एक खिलौना- छोटा सा दिलवा दे चाबी भरकर जब छोड़ तो एक ही रटन लगा दे बोले श्याम श्याम श्याम बोले श्याम

राम जपते रहो, काम करते रहो । वक्त जीवन का, यूँही निकल जायेगा । अगर लगन सच्ची, भगवन से लग जायेगी । तेरे जीवन का
