
भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ – भजन (Bhagwan Tumhare Charno Mein Main Tumhe Rijhane Aaya Hun)
भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ, वाणी मैं तनिक मिठास नही, पर विनय सुनाने आया हूँ ॥ प्रभु का चरणामृत लेने को,

भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ, वाणी मैं तनिक मिठास नही, पर विनय सुनाने आया हूँ ॥ प्रभु का चरणामृत लेने को,

बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, अपन नगरी हो झारखण्ड डगरी बबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे मैने

जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी बोल बम बम, बम

महादेव शंकर हैं जग से निराले, बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले । मेरे मन के मदिर में रहते हैं शिव जी, यह मेरे नयन

जमुना के तट पर, मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने, घायल हो गई पल में, गजरा गिर गया जमुना जल में, की गजरा गिर गया जमुना

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे, तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥ मन में बसा ले तू शिव का शिवाला, साथ
