
शेरावाली की नज़र जिसपे पड़ने लगी: भजन (Sherawali Ki Nazar Jispe Padne Lagi)
शेरावाली की नज़र जिसपे पड़ने लगी, जिसपे पड़ने लगी, देखो तक़दीर उसकी संवरने लगी, संवरने लगी ॥ माँ के पावन नवराते आ गए, घर घर

शेरावाली की नज़र जिसपे पड़ने लगी, जिसपे पड़ने लगी, देखो तक़दीर उसकी संवरने लगी, संवरने लगी ॥ माँ के पावन नवराते आ गए, घर घर

जगदम्बे भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है, सोहे वेश कसुमल निको, तेरे रत्नों का सिर पे ताज है, जगदम्बें भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन

मेरी आस तू है माँ, विश्वास तू है माँ, मेरी हर ख़ुशी का अब, आगाज़ तू है माँ, दे दे माँ आँचल की छइयां मुझे,

सावन की बरसे बदरिया सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की ॥ लाल चुनड माँ की चम चम चमकै, माथे

मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए। बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥ सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो। आएगी

तुम्ही मेरी नइया, किनारा तुम्ही हो, मेरी जिंदगी का, सहारा तुम्ही हो, तुम्ही मेरी नईया, किनारा तुम्ही हो ॥ ये नर तन का चोला, बनाया

भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि ॥ जप तप साधन, कछु नहीं लागत, खरचत नहिं गठरी,
