
गंगा के खड़े किनारे, भगवान् मांग रहे नैया: भजन (Ganga Ke Khade Kinare Bhagwan Mang Rahe Naiya)
गंगा के खड़े किनारे भगवान् मांग रहे नैया भगवान् मांग रहे नैया श्री राम मांग रहे नैया तुम कोन देश से आये, और कोन देश

गंगा के खड़े किनारे भगवान् मांग रहे नैया भगवान् मांग रहे नैया श्री राम मांग रहे नैया तुम कोन देश से आये, और कोन देश

मेरे तट पर जागे कबीर, मैं घाट भदैनी तुलसी की, युग युग से हर सर्जक बेटे, की माता हूँ मैं हुलसी सी वल्लभाचार्य तैलंग स्वामी

हनुमानजी स्तुति, जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥ पिया है भांग बजी है बीट, चढ़ी है मस्ती गायेंगे

पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, हम ना जाइब दूसर घाट,

निराले शम्भु को बिगड़ी, बना देना भी आता है ॥ श्लोक – गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरः, गुरुर साक्षात परम ब्रह्म, तस्मै श्री

हे शिव शंकर भोले बाबा, मैं तेरे गुण गाऊं, ऐसा वर दे इन चरणों में, ऐसा वर दे इन चरणों में, सगरे जनम बिताऊं, हे
