
सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र भाग 1
सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र भाग 1 सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र ने त्रेतायुग का प्रतिनिधित्व किया था। इनके पिता त्रिशंकु नाम के राजा थे। इन्हीं त्रिशंकु

सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र भाग 1 सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र ने त्रेतायुग का प्रतिनिधित्व किया था। इनके पिता त्रिशंकु नाम के राजा थे। इन्हीं त्रिशंकु

बिश्नोई पंथ ओर प्रहलाद भाग 4 प्रहलाद ने कहा-सुनो बन्धु जनों । यह आपके हाथ में जल देवता है तथा आपके सामने यज्ञदेवता अग्नि है,

बिश्नोई पंथ ओर प्रहलाद भाग 3 इस बार दैत्यों के विचार में बात कुछ इस प्रकार से आयी कि-अग्नि सभी को जलाकर भस्म

बिश्नोई पंथ ओर प्रहलाद भाग 2 उन्होंने पूछा- देवराज । यह क्या करने जा रहे हो। इस बेचारी अबला कयाधू को कहां ले जा रहे

विश्नोई पंथ एवं प्रहलाद भाग 1 समय बड़ा ही बलवान है। हम लोग इस काल को चार विभागों में बांटते हैं। वैसे तो काल-समय

विष्णु भक्तों का बलिदान नाथोजी ने कहा- हे शिष्य! सम्भराथल पर शिष्य मण्डली सहित श्री जाम्भोजी महाराज विराजमान थे। उस दिन सभी लोग मौन

सुपात्र एवं कुपात्र विचार(दान किसे देना चाहिए) एक विशनोई न कुपात्र कह्यो जीमाया दाव जीह प धरम थ। कुपात्र ने जीमायो। जाम्भेजी कह्यो बुरो
