प्रथमेश गजानन नाम तेरो,
हृदय में पधारो मेहर करो,
हृदय में पधारो मेहर करो,
अमृत रस म्हा पर बरसाओ,
आ जाओ अब ना देर करो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो ॥
म्हारे आंगण पाँव धरो देवा,
पावन कर दो म्हारी कर्म धरा,
हे सिद्धिविनायक गणनायक,
हे सिद्धिविनायक गणनायक,
इतनी सी अरज स्वीकार करो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो ॥
हे एकदन्त शंकर सुवन,
सगळा का काज सरया थासु,
म्हणे अपनी शरण में रख लीजो,
म्हणे अपनी शरण में रख लीजो,
म्हारो भी थे उद्धार करो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो ॥
भक्ता का पालनहार गजानंद,
शिव अमृत अभिनन्दन है,
हे सुखकर्ता हे विघ्नहर्ता,
हे सुखकर्ता हे विघ्नहर्ता,
हर सुख का नमन स्वीकार करो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो ॥
दत्तात्रेय स्तोत्रम् (Dattatreya Strotam)
प्रथमेनार्जिता विद्या.. (Prathame Narjita Vidya..)
श्री गौरीनंदन की आरती (Gouri Nandan Ki Aarti)
प्रथमेश गजानन नाम तेरो,
हृदय में पधारो मेहर करो,
हृदय में पधारो मेहर करो,
अमृत रस म्हा पर बरसाओ,
आ जाओ अब ना देर करो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो,
प्रथमेश गजानंद नाम तेरो ॥








