मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी कुछ भी ना औकात थी,
बिगड़ी मेरी हर एक बात थी,
ऐसा मुझपे करम कर दिया,
खुशियों की मुझको सौगात दी,
हर एक विपदा मेरी,
को तुमने हर लिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी हर एक जरुरत प्रभु,
आपने पूरी कर दी प्रभु,
मांगने भी ना मुझको दिया,
पहले ही झोली भर दी प्रभु,
तेरा ही दिया मैंने,
प्रभु खाया और पिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
तेरे काबिल कहाँ मैं हरि,
फिर भी तुमने है करुणा करी,
हर जनम बस करते रहे,
‘चित्र विचित्र’ तेरी नौकरी,
हमें वृन्दावन बसा के,
उपकार ये किया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
शिव आरती - ॐ जय गंगाधर (Shiv Aarti - Om Jai Gangadhar)
दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है: भजन (Das Tere Hai Gajanan Dhyan Dharte Hai )
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥








