मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी,
सवेरे दही लेके आउंगी,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥
ना माने तो मेरी चुनर रखले,
ना माने तो मेरी चुनर रखले,
या में सितारे जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥
ना माने तो मेरा हरवा रखले,
ना माने तो मेरा हरवा रखले,
या में हीरे जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥
ना माने तो मेरे कंगन रखले,
ना माने तो मेरे कंगन रखले,
या में मोती जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥
ना माने तो मेरे दिल को रखले,
ना माने तो मेरे दिल को रखले,
या में बैठे बिहारी लाल,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥
गोपेश्वर महादेव की लीला (Gopeshwar Mahadev Leela Katha)
महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि (Mahishasura Mardini Stotram - Aigiri Nandini)
मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी,
सवेरे दही लेके आउंगी,
सवेरे दही लेके आउंगी,
मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल,
सवेरे दही लेके आउंगी ॥








