कर्ता करे ना कर सके,
शिव करे सो होय,
तीन लोक नौ-खंड में,
शिव से बड़ा ना कोय ॥
हमारे साथ श्री महाकाल,
तो किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ,
तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता ॥
लगाई है लगन शिव से,
नहीं फिर जग से मोह माया,
मेरे संग संग में रहती है,
मेरे महाकाल की छाया,
की बनती है वहां हर बात,
तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता ॥
मेरे महाकाल के दर पे,
संवर जाती है तकदीरे,
प्रभु का नाम लेते ही,
बदल जाती है तासीरें,
मेरे महाकाल रखते है,
हर एक के काम की चिंता,
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता ॥
लगा ले तू लगन शिव से,
के हो जा जग से बेगाना,
मुक्कदर अपना बनवा ले,
बन महाकाल दीवाना,
के हर लेंगे मेरे स्वामी,
तेरे हर काल की चिंता,
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता ॥
मेरे नाथ केदारा, तेरे नाम का सहारा: भजन (Mere Nath Kedara Tere Naam Ka Sahara)
नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि (108 Shri Ganesh Ji)
मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे: भजन (Meri Jhopdi Ke Bhag Aaj Khul Jayenge)
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ,
तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ श्री महांकाल,
तो किस बात की चिंता ॥








