कन्हैया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
अलख जगा के जोगी,
आया तेरे द्वार,
आया तेरे द्वार मैया,
आया तेरे द्वार,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
अंग विभूत गले रुण्ड माला,
डम डम डमरू बजाने वाला,
गले में सर्पो का है हार,
गले में सर्पो का है हार,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
भिक्षा ले के निकली नंदरानी,
जोगी को देख के जी घबराए,
जोगी मेरो डर जाएगो लाल,
जोगी मेरो डर जाएगो लाल,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
भिक्षा का मैं करके बहाना,
ये लाला को तूने नहीं पहचाना,
तू है भोली बड़ो तेरो भाग,
तू है भोली बड़ो तेरो भाग,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
कथा: हनुमान गाथा (Katha Hanuman Gatha)
सुखी मेरा परिवार है, ये तेरा उपकार है: भजन (Sukhi Mera Parivar Hai Ye Tera Upakar Hai)
मुथथिथारु पट्ट थिरुनागई (Muthai Tharu Patthi Thirunagai)
तेरा लाला है जग उजियारा,
सच्चिदानंद सबका रखवाला,
ये है भक्तो का भगवान,
ये है भक्तो का भगवान,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥
अलख जगा के जोगी,
आया तेरे द्वार,
आया तेरे द्वार मैया,
आया तेरे द्वार,
कन्हैया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार ॥








