
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले – भजन (Meri Rasna Se Prabhu Tera Naam Nikle)
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण

भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ, वाणी मैं तनिक मिठास नही, पर विनय सुनाने आया हूँ ॥ प्रभु का चरणामृत लेने को,

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे मैने

जमुना के तट पर, मारी नजरिया ऐसी सांवरिया ने, घायल हो गई पल में, गजरा गिर गया जमुना जल में, की गजरा गिर गया जमुना

कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता । जबसे मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी

तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को भी तारो, श्याम हम को भी तारो ॥ हम ने सुना है, श्याम
