
हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम – भजन (Hai Nam Re Sabse Bada Tera Nam)
काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी, काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी । हे नाम रे सबसे

काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी, काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी । हे नाम रे सबसे

मैं तो अपने मोहन की प्यारी, सजन मेरो गिरधारी, सजन मेरो गिरधारी, गिरधारी गिरधारी, गिरधारी गिरधारी, मैं तो अपने मोहन की प्यारी, सजन मेरो गिरधारी।।

शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा, काली घटा के अंदर, जु दामिनी उजाला, शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा ॥ गल

चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे खबर सुनाऊ जो, खुशी ये बताऊँ जो, आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥ हेरी/ओरी सखी मंगल

श्री अत्रि मुनि द्वारा रचित श्रीराम-स्तुति रामायण के अरण्यकाण्ड से संबंधित है। नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥ भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां

राम रस बरस्यो री, आज म्हारे आंगन में । जाग गये सब सोये सपने, सभी पराये हो गये अपने, लगे प्रेम की माला जपने, लगे

मैया री मैया एक खिलौना- छोटा सा दिलवा दे चाबी भरकर जब छोड़ तो एक ही रटन लगा दे बोले श्याम श्याम श्याम बोले श्याम
