
जय जय श्री महाकाल – भजन (Jai Jai Shri Mahakal)
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥ भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग यजामहे हे परब्रह्म परमेश्वर शिव शंभू दयामहे शिप्रा

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥ भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग यजामहे हे परब्रह्म परमेश्वर शिव शंभू दयामहे शिप्रा

गल मोत्यां को हार, सिर चुनड़ चमकदार, थे कर सोलह श्रृंगार, माँ बनड़ी सी लागो जी, माँ बनड़ी सी लागो जी ॥ थारे हाथा सोणी

ओ मैया तेरी रहमतों ने, ये करिश्मा किया, छोटी पड़ गई झोली, तूने इतना दिया ॥ अपना बनाया, गले से लगाया, दे दी हमें अपनी,

लूट रहा भंडार है, मैया जी का द्वार है, मौका बड़ा ही सुहाना, जिन्हें चाहिए वो हाजरी लगाना, जिन्हे चाहिए वो हाजरी लगाना ॥ मिलेगा

विसर्जन को चली रे, चली रे मोरी मैया, विदाई से आज मोरी, विदाई से आज मोरी, भर आई है अखियां, विसर्जन को चलीं रे, चली

माँ की लाल रे चुनरिया, देखो लहर लहर लहराए, माँ की नाक की नथनिया, दमदम दमदम दमकी जाए, माँ की लाल रे चुनरियाँ, देखो लहर

धरती गगन में होती है, तेरी जय जयकार ॥ श्लोक – सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्रियमभीके गौरी, नारायणी नमोस्तुते। जय जय शेरावाली
