
सावन की बरसे बदरिया: भजन (Sawan Ki Barse Badariya Maa Ki Bhingi Chunariya)
सावन की बरसे बदरिया सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की ॥ लाल चुनड माँ की चम चम चमकै, माथे

सावन की बरसे बदरिया सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की ॥ लाल चुनड माँ की चम चम चमकै, माथे

मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए। बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥ सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो। आएगी

तुम्ही मेरी नइया, किनारा तुम्ही हो, मेरी जिंदगी का, सहारा तुम्ही हो, तुम्ही मेरी नईया, किनारा तुम्ही हो ॥ ये नर तन का चोला, बनाया

भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि ॥ जप तप साधन, कछु नहीं लागत, खरचत नहिं गठरी,

चली चली रे, चली चली रे, चली चली रे पालकी श्री राम की, जय बोलो भक्तो वीर हनुमान की ॥ भक्तों के ये काज संवारे,

श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे, भगवा ध्वज लहरायेंगे, मंदिर जब ये बन जायेगा, कण कण सारा हर्षायेगा, बच्चा बच्चा ये गायेगा, सारी दुनिया में

जन्मे अवध में, दशरथ के ललना, बाजे शंख और नगाड़े, कौशल्या अंगना, जन्में अवध में, दशरथ के ललना ॥ त्रेतायुग में विष्णु जी ही, राम
