
राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई – भजन (Ram Navmi Suhani Manbhavni Ram Ji Ko Sang Leke Aayi)
राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई, राम जनम पर धरती को अम्बर, राम जनम पर धरती को अम्बर, भेजे रे

राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई, राम जनम पर धरती को अम्बर, राम जनम पर धरती को अम्बर, भेजे रे

राम भक्त ले चला रे, राम की निशानी ॥ चौपाई – प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि, सादर भरत शीश धरी लीन्ही ॥ राम भक्त ले

श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है, मंदिर बनेगा रास्ता, आसान हो गया, श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है ॥

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दं भज मूढ़मते। संप्राप्ते सन्निहिते काले, न हि न हि रक्षति डुकृञ् करणे॥१॥ मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णाम्, कुरु सद्बुद्धिमं मनसि वितृष्णाम्। यल्लभसे

गंगा के खड़े किनारे भगवान् मांग रहे नैया भगवान् मांग रहे नैया श्री राम मांग रहे नैया तुम कोन देश से आये, और कोन देश

मेरे तट पर जागे कबीर, मैं घाट भदैनी तुलसी की, युग युग से हर सर्जक बेटे, की माता हूँ मैं हुलसी सी वल्लभाचार्य तैलंग स्वामी

हनुमानजी स्तुति, जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय
