
आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो: भजन (Aao Vinayak Mhare Aanganiye Padharo)
आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो

आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो जी, आओं विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो ॥ मूषक रा असवार देवा, पहला थारो

बिगड़ी तेरी बनाएगा, नाम गणपति का, संकट सभी मिटाएगा, नाम गणपति का, बिगड़ी बनाएगा, संकट मिटाएगा, कष्ट ना कभी तू पायेगा, जो मन से तू

महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे ॥ महामंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे,

करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी जय हो गजानन जी, जय जय हो गजानन जी ॥ विघ्न अमंगल तेरी

भोले शंकर तेरे दर्शन को, लाखों कावड़ियाँ आए रे, भांग धतुरा रगड़ रगड़ के, गंगा नीर चढ़ाए रे, भोले शँकर तेरे दर्शन को, लाखों कावड़ियाँ

प्रथमेश गजानन नाम तेरो, हृदय में पधारो मेहर करो, हृदय में पधारो मेहर करो, अमृत रस म्हा पर बरसाओ, आ जाओ अब ना देर करो,

हे नाथ दया करके, मेरी बिगड़ी बना देना, अब तक जो निभाया है, आगे भी निभा देना, आगे भी निभा देना, हें नाथ दया करके,
