
आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी: भजन (Aao Angana Padharo Shri Ganesh Ji)
आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ श्लोक – गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थजम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोकविनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥ तेरी पूजा करूँ तेरा अर्चन

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ श्लोक – गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थजम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोकविनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥ तेरी पूजा करूँ तेरा अर्चन

गौरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी, जो नर तुमको प्रथम मनावे, जो नर तुमको प्रथम मनावे, दुविधा मिट जावे सारी, गौंरी सुत गणराज

गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध लीजे हमारी, गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध लीजे हमारी । सुरहिन गैया को गोबर मनागौं, दिग धर अगना लीपाऊं, आज

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥ चंदन चौकी पे बिराजे, दाता

हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥ सिध्दि सदन गज वदन विनायक, कृपा सिंधु सुंदर सब

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी, भोले भंडारी, सबको दर्शन देते है, शिव शम्भू त्रिपुरारी, भोले भंडारी, भोले भंडारी ॥ ये है उज्जैनी

गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा, गौरी के लाल तुमकों, सादर नमन हमारा, हर काम से मैं पहले, सुमिरण करूँ तुम्हारा, गौरी के लाल
