
मरना है तो एक बार मरो – भजन (Marna Hai Too Ek Bar Maro)
मरना है तो एक बार मरो, फिर चौरासी में पड़ना क्या, हर बार का मरना मरना क्या, हर बार का मरना मरना क्या ॥ करके

मरना है तो एक बार मरो, फिर चौरासी में पड़ना क्या, हर बार का मरना मरना क्या, हर बार का मरना मरना क्या ॥ करके

प्रभु केवट की नाव चढ़े कभी कभी भगवान को भी भक्तो से काम पड़े । जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े ॥

ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं । यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥ ॥ कि ना

किस लिए आस छोड़े कभी ना कभी, क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे । नाथ कब तक रहेंगे कड़े एक दिन, देखकर प्रेम आंसू

कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके,

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर हरी जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल, सवेरे दही लेके आउंगी, सवेरे दही लेके आउंगी, सवेरे दही लेके आउंगी, मेरा छोड दे दुपट्टा नन्दलाल, सवेरे दही लेके
