
विरात्रा री पहाड़ियों में, धाम थारो: भजन (Viratra Ri Pahadiyon Me Dham Tharo)
विरात्रा री पहाड़ियों में, धाम थारो म्हाने लागे न्यारो, म्हाने प्यारो प्यारो लागे, वाकल नाम थारो ॥ शक्ति रूप में हिंगलाज माँ, हिरण भखार में

विरात्रा री पहाड़ियों में, धाम थारो म्हाने लागे न्यारो, म्हाने प्यारो प्यारो लागे, वाकल नाम थारो ॥ शक्ति रूप में हिंगलाज माँ, हिरण भखार में

दरश को प्यासे है, मैया मेरे नैन, एक झलक दिखलाओ भवानी, तो आए भक्त को चैन, दरश को प्यासे हैं, मैया मेरे नैन ॥ लगन

माँ शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे, मैया सजी है ऐसे, दुल्हन बनी हो जैसे, मां शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे ॥ हाथो में

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी, लागे सेठानी ओ मेरी माँ, लागे सेठानी, सज धज के बैठी है मां, लागे सेठानी ॥ किसने

अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई, झूम झूम के नाचूं मैं तो, बाटूँ आज बधाई, नाचूँ झूम झूम के, गाऊं झूम झूम के

जैसे तुम सीता के राम जैसे लक्ष्मण के सम्मान जैसे हनुमत के भगवान वैसे ही हे राम! मम पूजा स्वीकार करो जैसे तुम सीता के

सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये। मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नाहिं
