
ओ मेरे गोपाल कन्हैया, मोहन मुरली वाले: भजन (O Mere Gopal Kanhaiya Mohan Murliwale)
ओ मेरे गोपाल कन्हैया, मोहन मुरली वाले, मोहन मुरली वाले, गोपाल मुरलिया वाले, ओ मेरे गोपाल कन्हैंया, मोहन मुरली वाले ॥ कहो कैसे तुझे रिझाऊं

ओ मेरे गोपाल कन्हैया, मोहन मुरली वाले, मोहन मुरली वाले, गोपाल मुरलिया वाले, ओ मेरे गोपाल कन्हैंया, मोहन मुरली वाले ॥ कहो कैसे तुझे रिझाऊं

हो सके जो अगर श्याम मेरे, जो हुआ सो हुआ भूल जाओ, माफ़ कर दो मेरी गलतियों को, श्याम अपने से लगाओ, हों सके जो

कान्हा तेरी मुरली की, जो धुन बज जाए, ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ, राधा नाचे झूम झूम, कान्हा तेरीं मुरली की, जो धुन बज

लाल लाल चुनरी की अजब कहानी ॥ दोहा – लाली मेरी मात की, जित देखूं तित लाल, लाली देखन मैं गया, मैं भी हो गया

माई सबके बाल गोपाल, सदा खुशहाल रहे, खुशहाल रहे मालामाल रहे, माईं सबके बाल गोपाल, सदा खुशहाल रहे ॥ हंसते रहे नैनो के तारे, हंसते

थारी चाकरी करूंगो दिन रात, बणाल्यो म्हाने चाकरियो, थारी सेवा करूंगो दिन रात, बणाल्यो म्हाने चाकरियो, चाकरियो ए दादी सेवकियो, थारां गुण गाऊं दिन रात,

सुनो करुणा भरी ये पुकार, द्वार तेरे हम आये, तोरे अंगना लगी है कतार, द्वार तेरे हैं आये ॥ दूर करें दुःख सब लोगों के,
