॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
Jambh Bhakti (जम्भ भक्ति) logo

भजन · आरती · मंत्र

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा – भजन (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

WhatsApp
Facebook
शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा – भजन (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा,
काली घटा के अंदर,
जु दामिनी उजाला,
शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा ॥

गल में मुंड माला की साजे,
शशि भाल में गंग विराजे,
डम डम डमरू बाजे,
कर में त्रिशूल धारा,
शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा ॥

भृग में तीन है तेज विसारे,
कटीबंद में नाग सवारे,
कहलाते कैलाश पति ये,
करते जहाँ विसारा,
शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा ॥

शिव के नाम को जो उच्चारे,
सबके पाप दोष दुःख हारे,
सारी श्रष्टि के दाता ये,
भव से पार उतारे,
शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा ॥

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा,
काली घटा के अंदर,
जु दामिनी उजाला,
शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा ॥

Picture of Sandeep Bishnoi
Sandeep Bishnoi

इसी तरह के और पाठ

Leave a Comment