माँ देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का,
नाचण का दिल नाचण का,
चाहे देखूं जितनी बार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का ॥
प्यारी सूरत भोली भाली,
सोहे नथनी बिंदियाँ वाली,
प्यारा लागे गले का हार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का ॥
ऐसा कोई फूल बचा ना,
जो तेरे गजरे में सजा ना,
माँ महक रहा संसार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का ॥
कितना सुन्दर कितना प्यारा,
देख ले ‘सोनू’ आज नजारा,
क्या खूब सजा दरबार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का ॥
माँ देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का,
नाचण का दिल नाचण का,
चाहे देखूं जितनी बार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का ॥
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 28 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 28)
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