दानी बड़ा ये भोलेनाथ,
पूरी करे मन की मुराद,
देख ले माँग के माँग के,
तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,
तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा॥
दिन दयालु कहे इसको जमाना,
काम है इसका किस्मत जगाना,
भोले के दर पे जिसने अर्जी लगाई है,
हाथो ही हाथ हुई उसकी सुनाई है,
देख ले माँग के माँग के,
तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,
तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।
॥ दानी बड़ा ये भोलेनाथ…॥
देवो का देव तीनो लोको का स्वामी,
देखि दातारि हुई दुनिया दीवानी,
राजा बनाये पल भर में भिखारी को,
करते निहाल भोले अपने पुजारी को,
देख ले माँग के माँग के,
तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,
तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।
॥ दानी बड़ा ये भोलेनाथ…॥
भोला भाला है दिल इसका बड़ा है,
देखे कभी ना कौन लेने खड़ा है,
रावण को सोने की लंका दे डाली,
सोनू लौटाया नहीं किसी को भी खाली,
देख ले माँग के माँग के,
तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,
तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् (Dwadash Jyotirlinga Stotram)
मेरी अखियाँ तरस रही, भोले का दीदार पाने को: भजन (Meri Akhiyan Taras Rahi Bhole Ka Didar Pane Ko)
दानी बड़ा ये भोलेनाथ,
पूरी करे मन की मुराद,
देख ले माँग के माँग के,
तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,
तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा॥








