आयी महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
रहे निमंत्रण डार,
खेरे की खेड़ापति,
मोरे अंगना जाओ पधार ॥
लकी द्वार अर्जी करे,
महादेवी अवतार,
खेरे की खेड़ापति,
मोरे अंगना जाओ पधार ॥
आयी महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में,
मोरे अंगना में तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
एक तरफ तू माता विराजे,
दूजे राम जानकी संग विराजे,
दो हमें अभय वरदान,
भवानी तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
पहरे वाली द्वार तुम्हारे,
बजरंगी करते जयकारे,
गाये लकी तेरे गुणगान,
भवानी तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
नवराते में बोए जवारे,
काली नाचे द्वार तुम्हारे,
करें भगत हैं जय जयकार,
भवानी तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
दत्तात्रेय स्तोत्रम् (Dattatreya Strotam)
योगीनाथ साधुओं का सम्भराथल आगमन। भाग 9
तेरे नाम का दीवाना, तेरे द्वार पे आ गया है: भजन (Tere Naam Ka Diwana Tere Dwar Pe Aa Gaya Hai)
माता मेरी विनती सुनले,
हम भगतों के कष्टों को हरले,
सदा करूँ तेरा गुणगान,
भवानी तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में,
मोरे अंगना में तोरी मढिया में,
छाईं खुशियां अपरम्पार,
भवानी तोरी मढिया में,
आईं महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








