गोवर्धन पूजा • 10 नवंबर 2026
जब श्रीकृष्ण ने उँगली पर उठाया पर्वत
॥ जम्भ भक्ति ॥
ब्रजवासी हर साल वर्षा के लिए इंद्र देव की पूजा करते थे। बालक कृष्ण ने कहा, हमारी गायों को चारा गोवर्धन पर्वत देता है, उसकी पूजा करें।
ब्रजवासियों ने गोवर्धन की पूजा की। इससे क्रोधित इंद्र ने ब्रज पर मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी।
श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठा लिया। सात दिन तक सारे ब्रजवासी और गायें उसके नीचे सुरक्षित रहे।
अंत में इंद्र ने हार मानकर श्रीकृष्ण से क्षमा माँगी। तभी से कृष्ण गिरधारी कहलाए और गोवर्धन पूजा शुरू हुई।
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा (इस बार 10 नवंबर) को आँगन में गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाएँ, फूलों से सजाएँ और दीपक जलाकर परिक्रमा करें।
इस दिन कई तरह के पकवान बनाकर भगवान को अन्नकूट का भोग लगाते हैं और गायों की पूजा करते हैं।
॥ जम्भ भक्ति ॥
गोवर्धन पूजा में गाई जाने वाली आरती पढ़ें।
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