धनतेरस • वैदिक स्तोत्र
माँ लक्ष्मी का वैदिक आवाहन
॥ जम्भ भक्ति ॥
श्री सूक्त ऋग्वेद के खिल भाग में आता है। इसके मंत्रों में अग्निदेव (जातवेद) से माँ लक्ष्मी को घर लाने की प्रार्थना है।
मंत्र १
हे अग्निदेव, सोने जैसे रंग वाली, सोने-चाँदी की माला पहनी, चंद्रमा जैसी शीतल, स्वर्णमयी लक्ष्मी को मेरे घर लाइए।
मंत्र २
उस लक्ष्मी को लाइए जो कभी छोड़कर न जाए, जिनसे मुझे सोना, गाय, घोड़े और परिवार का सुख मिले।
मंत्र ३
जिनके आगे घोड़े, बीच में रथ और जिनके आने की सूचना हाथियों की चिंघाड़ देती है, उन श्री देवी का मैं आवाहन करता हूँ।
मंत्र ४
कमल पर विराजी, कमल जैसे रंग वाली उन श्री देवी को मैं यहाँ बुलाता हूँ।
मंत्र ५
मैं आपकी शरण लेता हूँ। मेरे घर से दरिद्रता (अलक्ष्मी) का नाश हो।
मंत्र ८
भूख, प्यास और मलिनता रूपी अलक्ष्मी को मैं अपने घर से दूर करता हूँ।
धनतेरस, दिवाली या शुक्रवार को स्नान कर माँ लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएँ और शुद्ध उच्चारण से श्री सूक्त पढ़ें या सुनें।