छोटी दिवाली • 7 नवंबर

नरक चतुर्दशी की कथा

नरकासुर वध और रूप चौदस

॥ जम्भ भक्ति ॥

आज

7 नवंबर: नरक चतुर्दशी

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली या रूप चौदस कहते हैं। कुछ पंचांगों में सुबह का स्नान 8 नवंबर को बताया गया है।

कथा

नरकासुर का आतंक

प्राग्ज्योतिषपुर का राजा नरकासुर बहुत अत्याचारी था। उसने देवताओं को सताया और हज़ारों राजकुमारियों को बंदी बना लिया।

कथा

सत्यभामा के साथ श्रीकृष्ण

देवताओं की प्रार्थना पर श्रीकृष्ण सत्यभामा के साथ गरुड़ पर सवार होकर नरकासुर से युद्ध करने गए।

कथा

चतुर्दशी को वध

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरकासुर का वध हुआ और बंदी राजकुमारियाँ मुक्त हुईं। इस जीत की खुशी में दीपक जलाए गए।

रूप चौदस

सूर्योदय से पहले स्नान

इस दिन सूर्योदय से पहले तिल के तेल की मालिश और उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है, इसलिए इसे रूप चौदस भी कहते हैं।

दीपदान

शाम को दीपक

शाम को घर के बाहर और कोनों में दीपक जलाए जाते हैं। कई जगह यमराज के नाम का दीपक भी इसी दिन जलाया जाता है।

परंपरा

अलग जगह, अलग रूप

कहीं इस दिन काली चौदस मनाई जाती है, तो कई जगह हनुमान जी की विशेष पूजा होती है।

तैयारी

कल दिवाली

छोटी दिवाली पर घर की अंतिम सफाई, रंगोली और दीयों की तैयारी पूरी कर लें। कल शाम लक्ष्मी-गणेश पूजन है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

दिवाली पूजा की पूरी विधि

कल के लक्ष्मी-गणेश पूजन की पूरी तैयारी, एक जगह।

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