1 नवंबर • स्थापना दिवस

समराथल धोरा: जहाँ बना बिश्नोई पंथ

गुरु जम्भेश्वर का पावन आसन

॥ जम्भ भक्ति ॥

१

कहाँ है समराथल

राजस्थान के बीकानेर ज़िले में मुकाम के पास रेत का ऊँचा धोरा, जिसे गुरु जम्भेश्वर का आसन माना जाता है।

२

1485 का अकाल

1485 ईस्वी में मारवाड़ में भयंकर अकाल पड़ा। गुरु जम्भेश्वर ने समराथल पर लोगों की मदद की और उन्हें धर्म का मार्ग दिखाया।

३

पाहल और 29 नियम

कार्तिक कृष्ण अष्टमी को उन्होंने कलश स्थापित कर पाहल (अभिमंत्रित जल) दिया और 29 नियम बताए। यहीं से बिश्नोई पंथ बना।

४

शब्दवाणी

समराथल पर गुरु जम्भेश्वर ने कई वर्षों तक उपदेश दिए। उनकी वाणी शब्दवाणी कहलाती है, जिसमें 120 शब्द हैं।

५

मुकाम और मेला

पास ही मुकाम (तालवा) में गुरु जम्भेश्वर की समाधि है, जहाँ फाल्गुन और आसोज की अमावस्या को बड़ा मेला लगता है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

समराथल की कथा पढ़ें

गुरु आसन समराथल की कथा, शब्दों सहित, जम्भ भक्ति पर।

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