बिश्नोई पंथ • भाग 3

बिश्नोई के 29 नियम: 21 से 29

संयम, स्वावलंबन और नशे से दूरी

॥ जम्भ भक्ति ॥

नियम २१-२२

संयम और अपनी रसोई

21. अजर को जरें, यानी काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार पर काबू रखें। 22. अपने हाथ से शुद्ध रसोई बनाएँ।

नियम २३-२४

पशुओं की रक्षा

23. थाट अमर रखें, यानी पशुओं को कसाई को न बेचें, उनकी रक्षा करें। 24. बैल को बधिया न करें।

नियम २५-२७

नशे से दूर

25. अमल (अफीम) न लें। 26. तंबाकू का सेवन न करें। 27. भांग न लें।

नियम २८-२९

मद्य-मांस और नीला वस्त्र

28. शराब और मांस से दूर रहें। 29. नीले रंग का वस्त्र न पहनें।

दोहा

उणतीस धर्म की आंखड़ी, हिरदे धरियो जोय। जाम्भोजी कृपा करी, नाम विश्नोई होय॥

जो इन उनतीस नियमों को हृदय में धारण करता है, जाम्भोजी की कृपा से वही विश्नोई कहलाता है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

सभी 29 नियम विस्तार से

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