बिश्नोई पंथ • भाग 3
संयम, स्वावलंबन और नशे से दूरी
॥ जम्भ भक्ति ॥
21. अजर को जरें, यानी काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार पर काबू रखें। 22. अपने हाथ से शुद्ध रसोई बनाएँ।
23. थाट अमर रखें, यानी पशुओं को कसाई को न बेचें, उनकी रक्षा करें। 24. बैल को बधिया न करें।
25. अमल (अफीम) न लें। 26. तंबाकू का सेवन न करें। 27. भांग न लें।
28. शराब और मांस से दूर रहें। 29. नीले रंग का वस्त्र न पहनें।
दोहा
जो इन उनतीस नियमों को हृदय में धारण करता है, जाम्भोजी की कृपा से वही विश्नोई कहलाता है।
॥ जम्भ भक्ति ॥
हर नियम का अर्थ और महत्व, जम्भ भक्ति पर पढ़ें।
jambhbhakti.com