तारण हार थला शिर आयो साखी – तारण हार थला शिर आयो तारण हार थलां शिर आयो, जे कोई तिरै सो तिरियो जीवन। जेजीवड़ा को भल पण चाहो सेवा विष्णु की करियो जीवन। मिनखा देही पड़े पुराणी भले न लाभै पुरीयो जीवन । अड़सठ तीरथ एक…

साखी विष्णु विसार मत जाई ये प्राणी साखी विष्णु विसार मत जाई ये प्राणी विष्णु विसार मत जाइये प्राणी, तो सिर मोटो दावो जीवने । दिन-दिन आवं घंटती…

             साखी – आओ मिलो साधो ओमलो   साखी सावण संत जल, सतगुरू सरवर तीर । मन धोबी तन पाटडो, पावन होत शरीर । तरवर सरवर संत जन, चौथा बरसे मेह । परमारथरे कारणे चारू धारी देह ।। तरवर कबहूं फल न भखे नदी ना…

उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 2 उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 2 इस प्रकार से श्री देवजी की स्तुति में ऊदे इस साखी का गायन किया, पास…

निवण करू गुरु जम्भने साखी – आये म्हारे जम्भ गुरु जगदीश प्रातःकाल- आये म्हारे जंभ गुरू जगदीश । सुर नर मुनि हरि ने निवावें सीस ।।…

       उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 1 मांगलोद गंगा पार का जमाती आई भरया, ऊदो नैण देवी को भोपा कहै- जमातियां इह महमाई नै पूजी र पाछा जावौ देव करै थी देवी करसी। बिश्नोई कै देवी सुरग देसी। देवी उदै के घट आय बोली…