जाट वर्ग तथा समराथल जाट वर्ग तथा समराथल उस समय सम्भराथल के आसपास कई कोसों में जाट लोगों का ही बाहुल्य था। शिक्षा सदाचार का कहीं प्रचार नहीं था। लोग पशु पालन तथा…

बिश्नोई पंथ स्थापना तथा समराथल ……. समराथल धोरा कथा भाग 5 बिश्नोई पंथ स्थापना “वर्ष पांच बावीस पाले बहुता धेनु चराई” सताईस वर्ष तक लगातार गऊवें चराई थी, गोवंश संवर्धन का महान प्रयास किया। इसलिये…

जम्भेश्वर भगवान शिशु अवस्था। समराथल धोरा कथा जम्भेश्वर भगवान शिशु अवस्था शिशु अवस्था बाल सुलभ क्रियाओं द्वारा माता-पिता को आनन्दित करते हुए जब जसी बालक बड़े हुए तब बालकों के साथ खेलने के लिये जाते…

* जम्भेश्वर समकालीन समराथल* समकालीन समराथल अवतार अवस्था- एक साखी में कवि हरजी ने कहा है कि “सम्भराथल अवतार” वास्तविक में अवतार तो समराथल पर ही हुआ है। क्योंकि जब लोहट के घर मन्दिर में सर्वप्रथम जन्म बालक का आगमन हुआ था। उसी समय ही बधाईयां बंटने लगी थी ग्राम…