दिवाली की रात • मंत्र जप

ॐ महालक्ष्म्यै नमः

दिवाली की रात मंत्र जप की विधि

॥ जम्भ भक्ति ॥

मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै नमः

माँ महालक्ष्मी का सबसे सरल नाम-मंत्र। दिवाली की रात पूजा के बाद इसका जप किया जाता है।

भजन रूप

ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः, विष्णुप्रियायै नमो नमः

भगवान विष्णु की प्रिया महालक्ष्मी को बार-बार नमस्कार।

भजन रूप

ॐ धनप्रदायै नमो नमः, विश्वजनन्यै नमो नमः

धन देने वाली और पूरे विश्व की माता को बार-बार नमस्कार।

१

कब जपें

दिवाली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद, या हर शुक्रवार को सुबह स्नान के बाद।

२

कैसे बैठें

साफ आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। सामने घी का दीपक और माँ लक्ष्मी का चित्र रखें।

३

माला और संख्या

कमलगट्टे या स्फटिक की माला से 108 बार जप करें। माला न हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से बोल सकते हैं।

४

जप के बाद

जप के बाद लक्ष्मी जी की आरती करें, खील-बताशे का भोग लगाएँ और घर के सभी सदस्यों को प्रसाद दें।

मान्यता

मन की शुद्धि

मान्यता है कि सच्चे मन और साफ घर में ही लक्ष्मी टिकती हैं। जप के साथ मीठा बोलना और ईमानदारी भी ज़रूरी है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

महालक्ष्मी मंत्र पढ़ें

मंत्र और जाप का भजन रूप, जम्भ भक्ति पर।

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