दीपोत्सव 2026

दीपोत्सव के 5 दिन

धनतेरस से भाई दूज तक

॥ जम्भ भक्ति ॥

दिन १

6 नवंबर: धनतेरस

धन्वंतरि और कुबेर-लक्ष्मी की पूजा, नए बर्तन या धातु की खरीद और शाम को यम के नाम का दीपक।

दिन २

7 नवंबर: नरक चतुर्दशी

छोटी दिवाली या रूप चौदस। सुबह उबटन लगाकर स्नान और शाम को घर के बाहर दीपक जलाने की परंपरा है।

दिन ३

8 नवंबर: दीपावली

कार्तिक अमावस्या की शाम प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजन, फिर पूरे घर में दीपदान।

दिन ४

10 नवंबर: गोवर्धन पूजा

गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा, अन्नकूट का भोग और गौ सेवा।

दिन ५

11 नवंबर: भाई दूज

बहनें भाई को तिलक कर भोजन कराती हैं। इसी दिन चित्रगुप्त पूजा भी होती है।

ध्यान दें

तिथि में अंतर

कुछ पंचांगों में नरक चतुर्दशी, गोवर्धन और भाई दूज की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। अपने शहर का पंचांग ज़रूर देखें।

तैयारी

अभी से करें ये काम

घर की सफाई, पूजा सामग्री, नए दीये, रंगोली के रंग और लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति पहले से ले आएँ।

मान्यता

दीपक क्यों

दीपक अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है। मान्यता है कि साफ और रोशन घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है।

॥ जम्भ भक्ति ॥

दिवाली पूजा की पूरी विधि

मुहूर्त, सामग्री लिस्ट, मंत्र और आरती एक जगह।

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