करवा चौथ • 28 अक्टूबर 2026

करवा चौथ: व्रत विधि, कथा और चाँद को अर्घ्य

सरगी से चंद्र अर्घ्य तक, पूरा व्रत एक जगह

॥ जम्भ भक्ति ॥

१

सरगी: सूर्योदय से पहले

सास की दी हुई सरगी (फल, मेवा, मिठाई) सूर्योदय से पहले ग्रहण करें। इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखा जाता है।

२

संकल्प और सोलह श्रृंगार

स्नान के बाद पति की लंबी आयु के लिए व्रत का संकल्प लें। शाम की पूजा से पहले सोलह श्रृंगार करें।

३

शाम की पूजा

करवा माता, शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा करें। मिट्टी के करवे में जल भरें, दीपक जलाएँ और व्रत कथा सुनें।

कथा

सात भाइयों की इकलौती बहन

साहूकार की बेटी व्रत में भूख से व्याकुल थी। भाइयों ने पेड़ पर आग जलाकर कहा, चाँद निकल आया। बहन ने अर्घ्य देकर भोजन कर लिया।

कथा

व्रत भंग, फिर पश्चाताप

व्रत टूटने से गणेश जी अप्रसन्न हुए और पति बीमार पड़ गया। बेटी ने क्षमा माँगकर फिर विधि से व्रत रखा, तो गणेश जी ने पति को जीवनदान दिया।

४

चाँद को अर्घ्य और पारण

छलनी से चाँद और फिर पति को देखें, करवे के जल से अर्घ्य दें और पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलें। दिल्ली में चंद्रोदय लगभग रात 8:14 बजे (अपने शहर में समय अलग हो सकता है)।

॥ जम्भ भक्ति ॥

पूरी कथा पढ़ें

साहूकार की बेटी, करवा धोबिन और द्रौपदी की कथा, तीनों जम्भ भक्ति पर।

jambhbhakti.com